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tσ нανє α нєαяt ι ηєє∂ нαριηєѕѕ,
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tσ нαvє fяιєη∂ѕнιρ ι ηєє∂ υfσяєνєя

जे हाल विच सजना तू राजी ते रब राजी ,जे सी मैहे हार गया तो कि होंदा!
मैहे जीत दा जसन मनाऊंगा, इही जनम विच नहीं पाया अगले जन्म विच पावांगा !
ऐ जिंदगी तुझे जी लेंगे हम !विष दो या अमृत पी लेंगे हम !
आशुओं पर मत जा एक मोका तो दे ,रोते हुए भी हंस लेंगे हम!
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Saturday, March 6, 2010

HOLI AGAIN


मैं जहां-जहां भी जाऊं
तेरा ही चेहरा दिखता है
ये तेरा कुसूर नहीं है
हर चेहरा आज रंगीला है।
- सर्वेश शर्मा, बाड़मेर (राज)
रंगों से रंगीन जिंदगी हमारी
रंगीली रहे ये बंदगी हमारी
कभी न बिगड़े प्यार की रंगोली
मेरे यार को मुबारक हो होली।
BHANWAR
ब्लेड से हमने हाथ पर उनका नाम लिखा
नाम देखकर उन्होंने माथा पीट लिया
कहा, गधे की मोहब्बत का मैं करूं क्या
नाम लिखा, पर स्पेलिंग मिस्टेक कर दिया
BHANWAR

हम भी बिल गेट्स से कम हैं क्या
न वो हमारे, न हम उसके घर जाएंगा
बात कोई बहुत बड़ी नहीं है भैया
बीच में ईगो प्रॉब्लम आड़े आएगा।
BHANWAR

सोचा किसी अपने से बात करें।
अपने किसी ख़ास को याद करें।
किया जो फ़ैसला
होली की शुभकामनाएं देने का,
दिल ने कहा-
क्यों न आपसे ही शुरुआत करें।
BHANWAR DEG



सोच लेना क़दम उठाने से पहले।
न मुंह मोड़ लेना ठौर आने से पहले।
तेरे सीने में भी दिल है अगर जानेमन,
सोच लेना मेरा दिल दुखाने से पहले।
UNKNOWN
तेरी मुस्कराहट मेरी पहचान है।
तेरी ख़ुशी ही तो मेरी जान है।
अकेले कुछ भी नहीं है मेरी जिंदगी,
तेरी दोस्ती ही तो मेरी शान है।


उड़ते पेचों-खम ने दीवाना बना दिया।
इक बात क्या कही कि अफ़साना बना दिया।
शमां की तरह हुस्न निखर बिखर रहा,
जलने की आरजू में परवाना बना दिया।
-BHANWAR



इस होली कल्लू नौकर के भाग्य
कुछ ऐसे जागे।
छह बच्चों वाली छमिया को
साहब लेकर भागे।
बाईसाहब की घुटी भांग ने ऐसा रंग जमाया,
साहब की घरवाली कल्लू को
अपनी छमिया लागे।
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