ग्वालियर। आखिरकार एक दिवसीय क्रिकेट के 39 साल के इतिहास में 2961 मैच के बाद पहला दोहरा शतक बन ही गया और इस कारनामे को अंजाम दिया इस खेल के सबसे कामयाब बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज के दूसरे मुकाबले में ग्वालियर के रूप सिंह स्टेडियम स्टेडियम को अपने बल्ले से रनों की आतिशबाजी कर गुलजार कर दिया और 147 गेंदों पर 25 चौके और तीन छक्कों की मदद से नाबाद 200 रन ठोक दिए। उनकी इस रिकार्ड तोड पारी की बदौलत भारत ने निर्धारित 50 ओवर में तीन विकेट खोकर 401 रन बनाए। जवाब में दक्षिण अफ्रीकी टीम एबी डीविलियर्स के शतक के बावजूद 42.5 ओवर में 248 रन ही बना सकी और भारत 153 रन से मैच फिर चमके गेंदबाज शुरू से रहे आक्रामक उस समय 13 ओवर का खेल बाकी था और यह तय था अगर सचिन आखिर तक टिके रह गए तो वह वनडे क्रिकेट की सबसे बडी पारी खेलने के अलावा दोहरा शतक भी जमा सकते हैं। हुआ भी ऎसा ही पार्नेल द्वारा फेंकी गई 46वें ओवर की तीसरी गेंद पर उन्होंने दो रन लेकर पाकिस्तान के सईद अनवर और जिम्बाब्वे के चाल्र्स कोवेंट्री के 194 रन के रिकार्ड को तोडा और 50वें ओवर की तीसरी गेंद पर उन्होंने अपना दोहरा शतक पूरा कर लिया। जोरदार साझेदारियां भारत के तीन बडे स्कोर जिन बल्लेबाजों को मैंने गेंदबाजी की उनमें सचिन सर्वश्रेष्ठ हैं। मुझे उनकी इस उपलब्धि पर बेहद खुशी महसूस हो रही है। गनीमत है मैं अब अंतरराष्ट्रीय मैचों में उन्हें गेंदबाजी नहीं करता। क्या शानदार पारी खेली सचिन ने। वह पहले भी दो बार दोहरा शतक बनाने के करीब पहुंचे थे तीसरी बार में उन्हें कामयाबी मिल ही गई। मुझे शुरू से यकीन था कि सचिन या सनथ जयसूर्या में से ही कोई एक वनडे का पहला दोहरा शतक बनाएगा। अब सचिन को अपने लिए और भी ऊंचा लक्ष्य तय करना चाहिए। शायद टेस्ट क्रिकेट में 450 या वनडे में 250 का लक्ष्य। इस पारी से उन्होंने साबित कर दिया कि वह वाकई महान हैं। सचिन के अंदर अभी भी एक छोटा ब“ाा है जो उन्हें आगे बढने के लिए प्रेरित करता है। अगर आप सईद अनवर से पूछेंगे तो उन्हें भी सचिन द्वारा अपना रिकार्ड तोडे जाने पर खुशी महसूस हो रही होगी। सचिन इतने सफल इसलिए हैं क्योंकि वह खेल का बहुत सम्मान करते हैं। सचिन तेंदुलकर सर्वकालिक महानतम खिलाडी हैं। इस बार में कोई संदेह नहीं रह गया है। मैं उन्हें सलाम करता हूं। वह सिर्फ ऊंचा उठ सकते हैं। वह हम सभी के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं। *अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 31,000 रन भी पूरे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 20 साल से अघिक समय बिताने वाले तेंदुलकर ने अब तक 166 टेस्ट मैच में 13447 रन, जबकि 442 एकदिवसीय मैचों में 17598 रन बनाए हैं। उनके नाम कुल मिलाकर 93 अंतरराष्ट्रीय शतक (टेस्ट में 47 और वन डे में 46) दर्ज हैं। एकदिवसीय मैचों में यह पांचवां अवसर है, जबकि तेंदुलकर ने 150 से अघिक रन बनाए | ||||
Saturday, March 6, 2010
मास्टर का 'दोहरा' ब्लास्ट
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