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जे हाल विच सजना तू राजी ते रब राजी ,जे सी मैहे हार गया तो कि होंदा!
मैहे जीत दा जसन मनाऊंगा, इही जनम विच नहीं पाया अगले जन्म विच पावांगा !
ऐ जिंदगी तुझे जी लेंगे हम !विष दो या अमृत पी लेंगे हम !
आशुओं पर मत जा एक मोका तो दे ,रोते हुए भी हंस लेंगे हम!
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Saturday, March 6, 2010

मास्टर का 'दोहरा' ब्लास्ट



sports news

ग्वालियर। आखिरकार एक दिवसीय क्रिकेट के 39 साल के इतिहास में 2961 मैच के बाद पहला दोहरा शतक बन ही गया और इस कारनामे को अंजाम दिया इस खेल के सबसे कामयाब बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने।

उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज के दूसरे मुकाबले में ग्वालियर के रूप सिंह स्टेडियम स्टेडियम को अपने बल्ले से रनों की आतिशबाजी कर गुलजार कर दिया और 147 गेंदों पर 25 चौके और तीन छक्कों की मदद से नाबाद 200 रन ठोक दिए।

उनकी इस रिकार्ड तोड पारी की बदौलत भारत ने निर्धारित 50 ओवर में तीन विकेट खोकर 401 रन बनाए। जवाब में दक्षिण अफ्रीकी टीम एबी डीविलियर्स के शतक के बावजूद 42.5 ओवर में 248 रन ही बना सकी और भारत 153 रन से मैच
जीत गया। इसके साथ ही भारत ने तीन मैचों की इस सीरीज में 2-0 की अजेय बढत हासिल कर ली है।

फिर चमके गेंदबाज
सचिन के शाहकार के बाद गेंदबाजों ने अपना कमाल दिखाया और बल्लेबाजी के लिए आसान पिच पर दक्षिण अफ्रीकी पारी को 248 रन पर ही समेट दिया। मेहमान टीम की ओर से सिर्फ डीविलियर्स ही संघर्ष कर पाए। उन्होंने 101 गेंदों पर 13 चौके और दो छक्के की मदद से 114 रन बनाए। भारत के लिए एस. श्रीसंत ने तीन, आशीष नेहरा, रविन्द्र जडेजा और यूसुफ पठान ने दो-दो और प्रवीण कुमार ने एक विकेट लिया।

शुरू से रहे आक्रामक
सचिन इस पारी की शुरूआत से ही आक्रामक मूड में दिखे। उन्होंने अपने 50 रन 37 गेंदों पर नौ चौके की मदद से पूरा किया। उनका शतक भारतीय पारी के 28वें ओवर में पूरा हुआ। इसके लिए सचिन ने 90 गेंदों का सामना किया और 13 चौके जमाए। 37वें ओवर में 118 गेंदों पर 22 चौके और एक छक्का की मदद से मास्टर ने अपने 150 रन पूरे कर लिए।

उस समय 13 ओवर का खेल बाकी था और यह तय था अगर सचिन आखिर तक टिके रह गए तो वह वनडे क्रिकेट की सबसे बडी पारी खेलने के अलावा दोहरा शतक भी जमा सकते हैं। हुआ भी ऎसा ही पार्नेल द्वारा फेंकी गई 46वें ओवर की तीसरी गेंद पर उन्होंने दो रन लेकर पाकिस्तान के सईद अनवर और जिम्बाब्वे के चाल्र्स कोवेंट्री के 194 रन के रिकार्ड को तोडा और 50वें ओवर की तीसरी गेंद पर उन्होंने अपना दोहरा शतक पूरा कर लिया।

जोरदार साझेदारियां
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने वाले भारत की शुरूआत बहुत अच्छी नहीं रही थी और वीरेन्द्र सहवाग सिर्फ 9 रन के निजी स्कोर पर पैवेलियन लौट गए। इसके बाद सचिन ने दिनेश कार्तिक के साथ दूसरे विकेट के लिए 194 रन की जोरदार साझेदारी की। कार्तिक 85 गेंदों पर चार चौके और तीन छक्कों की मदद से 79 रन बनाए। कार्तिक के आउट होने के बाद बल्लेबाजी के लिए आए यूसुफ पठान के साथ सचिन ने तीसरे विकेट के लिए 81 रन जोडे। इसके बाद मास्टर ब्लास्टर ने कप्तान धोनी के साथ तीसरे विकेट के लिए 101 रन जोडे।

भारत के तीन बडे स्कोर
स्कोर विरूद्ध केन्द्र वर्ष
414/7 श्रीलंका राजकोट 2009
413/5 बरमूडा पोर्ट ऑफ स्पेन 2007
401/3 द.अफ्रीका ग्वालियर 2010
नोट-टीम इंडिया इकलौती ऎसी टीम है जिसने 400 या इससे अधिक का स्कोर तीन बार बनाया है। श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका ने दो-दो बार और आस्ट्रेलिया व न्यूजीलैंड ने एक-एक बार इस आंकडे को पार किया है।

जिन बल्लेबाजों को मैंने गेंदबाजी की उनमें सचिन सर्वश्रेष्ठ हैं। मुझे उनकी इस उपलब्धि पर बेहद खुशी महसूस हो रही है। गनीमत है मैं अब अंतरराष्ट्रीय मैचों में उन्हें गेंदबाजी नहीं करता।
-शेन वार्न, पूर्व आस्ट्रेलियाई लेग स्पिनर

क्या शानदार पारी खेली सचिन ने। वह पहले भी दो बार दोहरा शतक बनाने के करीब पहुंचे थे तीसरी बार में उन्हें कामयाबी मिल ही गई। मुझे शुरू से यकीन था कि सचिन या सनथ जयसूर्या में से ही कोई एक वनडे का पहला दोहरा शतक बनाएगा।
-कुमार संगकारा,
कप्तान श्रीलंका

अब सचिन को अपने लिए और भी ऊंचा लक्ष्य तय करना चाहिए। शायद टेस्ट क्रिकेट में 450 या वनडे में 250 का लक्ष्य। इस पारी से उन्होंने साबित कर दिया कि वह वाकई महान हैं। सचिन के अंदर अभी भी एक छोटा ब“ाा है जो उन्हें आगे बढने के लिए प्रेरित करता है।
-सुनील गावस्कर, पूर्व भारतीय कप्तान

अगर आप सईद अनवर से पूछेंगे तो उन्हें भी सचिन द्वारा अपना रिकार्ड तोडे जाने पर खुशी महसूस हो रही होगी। सचिन इतने सफल इसलिए हैं क्योंकि वह खेल का बहुत सम्मान करते हैं।
-आमिर सोहेल, पूर्व पाकिस्तानी कप्तान

सचिन तेंदुलकर सर्वकालिक महानतम खिलाडी हैं। इस बार में कोई संदेह नहीं रह गया है। मैं उन्हें सलाम करता हूं। वह सिर्फ ऊंचा उठ सकते हैं। वह हम सभी के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं।
-ललित मोदी, आईपीएल कमिश्नर

*अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 31,000 रन भी पूरे
रन मशीन तेंदुलकर ने अपनी दोहरी शतकीय पारी के दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 31,000 रन भी पूरे किए। वे यह उपलब्घि हासिल करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज हैं। तेंदुलकर ने अपनी नाबाद 200 रन की पारी के दौरान 155वां रन पूरा करते ही यह मुकाम हासिल किया। टेस्ट और एकदिवसीय मैचों में सर्वाघिक रन बनाने का रिकॉर्ड रखने वाले इस स्टार भारतीय बल्लेबाज के नाम पर अब 31,045 रन दर्ज हैं।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 20 साल से अघिक समय बिताने वाले तेंदुलकर ने अब तक 166 टेस्ट मैच में 13447 रन, जबकि 442 एकदिवसीय मैचों में 17598 रन बनाए हैं। उनके नाम कुल मिलाकर 93 अंतरराष्ट्रीय शतक (टेस्ट में 47 और वन डे में 46) दर्ज हैं। एकदिवसीय मैचों में यह पांचवां अवसर है, जबकि तेंदुलकर ने 150 से अघिक रन बनाए

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