tσ ℓινє α ℓιfє ι ηєє∂ α нєαяt,
tσ нανє α нєαяt ι ηєє∂ нαριηєѕѕ,
tσ нανє нαριηєѕѕ ι ηєє∂ fяιєη∂ѕнιρ
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tσ нαvє fяιєη∂ѕнιρ ι ηєє∂ υfσяєνєя

जे हाल विच सजना तू राजी ते रब राजी ,जे सी मैहे हार गया तो कि होंदा!
मैहे जीत दा जसन मनाऊंगा, इही जनम विच नहीं पाया अगले जन्म विच पावांगा !
ऐ जिंदगी तुझे जी लेंगे हम !विष दो या अमृत पी लेंगे हम !
आशुओं पर मत जा एक मोका तो दे ,रोते हुए भी हंस लेंगे हम!
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Saturday, March 6, 2010

बर्फ के झरने से बह रहा खून


danik bhaskarबर्फ के झरने से बह रहा खून


अंटार्कटिक के झरने से खून बहता हुआ दिखाइ दे रहा है। द सन पर एक तस्वीर छपी है, इसमे सफेद बर्फ की चादर के बीच से लाल रंग का पानी बहता हुआ दिखाई दे रहा है।


माना यह भी जा रहा है कि इस तस्वीर से मंगल पर जीवन के संकेत भी मिलेंगे। अंटार्कटिका के टेयलर ग्लेशियर पर एक झरने से लाल पानी बह रहा है। इसका कारण है बर्फ के 1300 फिट नीचे आयरन खनिज की अधिक मात्रा वाली एक झील। झरने का पानी इसी झील से आ रहा है। पानी में लोहें की मात्रा अधिक होने के कारण इसका रंग लाल है।


माना जाता है कि लगभग 200 लाख वर्ष पूर्व पानी में ओक्सीजन, रोशनी और गर्मी के अभाव में रोगाणूओं ने पारिस्थितिकी प्रणाली विकसित की थी। यह वैक्टीरिया सल्फेट को रिसायकल करके उससे उर्जा प्राप्त करते थे।


झील का -5 डिग्री सेल्सियस ठंडा पानी नमक की अधिकता के कारण जम नही पाता है। मार्स पर भी जमे हुए पानी के संकेत मिले है। विशेषज्ञ डॉयलन थुरास कहते है कि इससे यह संकेत मिलता है कि जीवन किसी भी परिस्थिती में हो सकता है, अन्य ग्रहों पर भी।






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