अस्मत
सर से चादर, बदन से क़बा ले गई
जिंदगी हम फ़क़ीरों से क्या ले गई
मेरी मुट्ठी में सूखे हुए फूल हैं,
ख़ुशबुओं को उड़ाकर हवा ले गई
मैं समंदर के सीने में चट्ठान था
रात इक मौज आई बहा ले गई
चांद ने रात मुझको जगाकर कहा
एक लड़की तुम्हारा पता ले गई
मेरी शोहरत सियासत से महफ़ूज है
ये तवायफ़ भी अस्मत बचा ले गई
Aman Deg
मायने
कबा= अंगरखा, गाउन/मौज= तरंग, लहर / सियासत= छल, फ़रेब/ महफ़ूज=सुरक्षित



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